मोहब्बत है जिन्दगी में सब कुछ मेरे हुजुर – अब समझ आया I
प्यार क्या होता है, हुए हैं वो हमसे ज़रा दूर – अब समझ आया II
तुम्हारी वफाओं का भरपूर फायदा उठाया हमने,
समझे, लाचारी क्या है जब हुए हम मजबूर – अब समझ आया I
प्यार के पल गंवा दिए हमने जाने क्यूँ,
गिरें ज़मीं पर, ओर उतरा सुरूर – अब समझ आया I
खंजर लिए देखा दोस्तों को तो याद आया,
क्यूँ कहते थे वो हो न जाना मशहूर – अब समझ आया I
पता चले जिन्दगी के मायने जिन्दगी के बाद,
कुछ उनका तो हमारा भी था कुसूर – अब समझ आया I
छुना चाहते थे आसमां, तोड़ना चाहते थे तारे,
पर क्या करते हम , खट्टे थे अंगूर – अब समझ आया I
जो बीत गए उन लम्हों की कसक तो याद रहेगी,
कहते थे एक दिन समझ में आयेगा जरुर – अब समझ आया I
बहाना बनाना, समय पर न आना, चुभन दे गया “चरन”
तुम तो थे मशरूफ, हम समझ बैठे मगरूर – अब समझ आया II
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प्यार क्या होता है, हुए हैं वो हमसे ज़रा दूर – अब समझ आया II
समझे, लाचारी क्या है जब हुए हम मजबूर – अब समझ आया I
गिरें ज़मीं पर, ओर उतरा सुरूर – अब समझ आया I
क्यूँ कहते थे वो हो न जाना मशहूर – अब समझ आया I
कुछ उनका तो हमारा भी था कुसूर – अब समझ आया I
पर क्या करते हम , खट्टे थे अंगूर – अब समझ आया I
कहते थे एक दिन समझ में आयेगा जरुर – अब समझ आया I
तुम तो थे मशरूफ, हम समझ बैठे मगरूर – अब समझ आया II
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